वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र संघ चुनाव में भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी (ABVP) की पकड़ दिनोंदिन कमजोर होती जा रही है. शायद इसीलिए एक बार फिर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को यहां के छात्र संघ के चुनाव में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है. इस बार के छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी का सूपड़ा साफ हो गया है. छात्र संगठन चारों प्रमुख पदों पर हार गई है. हार के बाद बाद अब संगठन की समीक्षा शुरू हो गई है. इस बार के छात्र संघ चुनाव में सपा के छात्र संगठन समाजवादी छात्र सभा के विमलेश यादव ने जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) को दो सीटों पर जीत मिली है.

एनएसयूआई की ओर से उपाध्यक्ष पद पर संदीप पाल और महामंत्री की सीट पर प्रफुल्ल पांडेय ने जीत दर्ज की है. वहीं, पुस्तकालय मंत्री की कुर्सी पर निर्दलीय उम्मीदवार आशीष गोस्वामी को स्टूडेंट्स ने चुनकर भेजा है. गुरुवार की सुबह 9 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुआ मतदान दोपहर 2 बजे तक खत्म हो गया था. इस बीच प्रत्याशी अपने पक्ष में मतदान करने के लिए छात्र-छात्राओं का मान-मनौव्वल करते दिखे. दोपहर दो बजे तक कुल 47.38 फीसदी ही मतदान हुआ था. इस बार मतदान आधे यानी 50 प्रतिशत के पार नहीं कर सका. चुनाव में सिर्फ 4294 छात्रों ने मतदान किया. इनमें 2866 छात्र और 1428 छात्राएं शामिल रहीं. जबकि मतदाताओं की संख्या 9062 थी. इनमें सिर्फ करीब 47.38 फीसदी ही मतदान हुआ.

पहचान पत्र जांचने के साथ अन्य सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान के लिए कुल 23 बूध बनाए गए थे. साल 2019 में भी वाराणसी स्थित महात्‍मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर समाजवादी छात्रसभा के संदीप यादव ने जीत हासिल की थी. उस वक्त केवल उपाध्‍यक्ष पद पर एबीवीपी को जीत मिली थी. जबकि अध्यक्ष के बाद सबसे महत्वपूर्ण महामंत्री पद पर एनएसयूआई के उम्‍मीदवार ने जीत हासिल की थी.