MP में कोरोना की भयावह स्थिति, वैक्सीनेशन के लिए उम्र का बंधन खत्म किया जाए

मध्य प्रदेश में कोरोना की स्थिति भयावह होने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर सुझाव दिए हैं।
कोरोना से निपटने पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को दिए 7 सुझाव
कहा, कांग्रेस कोरोना के खिलाफ अभियान में सरकार के साथ
पत्र लिखने से पहले उनके स्वास्थ्य आग्रह पर उठाए थे सवाल

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति भयावह हो गई है। मप्र देश में 7वें स्थान पर पहुंच गया है। संक्रमण की दूसरी लहर में प्रदेश की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और इस समय वैक्सीनेशन अभियान चलाने के लिए संयुक्त नीति से काम करने की आवश्यकता है। इसको लेकर कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखकर सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा है कि काेरोना से लड़ाई में कांग्रेस सरकार के साथ है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कमलनाथ से फोन पर बात कर काेरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार का सहयोग मांगा था। इसके बाद कमलनाथ ने शिवराज को पत्र लिखा है। शिवराज ने कमलनाथ के अलावा आरएसएस के मध्य भारत के क्षेत्र संघ संचालक अशोक सोहनी, डॉ चिन्मय पंड्या, गायत्री परिवार बाबा रामदेव, पतंजलि योग संस्थान, चेतस सुखाडिया, विद्यार्थी परिषद और समाजवादी पार्टी के मनोज यादव से सोमवार को फोन पर बात की थी।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र

कमलनाथ के शिवराज को 7 सुझाव

1 - वैक्सीनेशन के लिए उम्र का बंधन समाप्त कर हर व्यक्ति को वैक्सीन निशुल्क लगाई जाए। कोरोना की दूसरी लहर वाले इलाकों को चिन्हित कर वहां प्राथमिकता से वैक्सीनेशन किया जाए।

2 - वैक्सीन की अग्रिम उपल्ब्धता की जरुरत है। इसके लिए इसे सुरक्षित रखने के इंतजाम बढ़ाने की जरुरत है। ताकि वैक्सीनेशन का काम तेज गति से हो सके।

3 - प्रदेश के कई जिलों में वैक्सीन समय पर नहीं पहुंच पा रही है। यह सुनिश्चित किया जाए कि हर सेंटर में वैक्सीन उपलब्ध रहे, ताकि लोगों को परेशानी ना हो।

4 - वैक्सीनेशन सेंटर तक लाेगों को लाने के लिए घर-घर जाकर प्रेरित किया जाना चाहिए।

5 - प्रदेश में रैपिड टेस्ट की संख्या बढ़ाने की जरुरत है। इसके लिए घर-घर जाकर सैंपल लेना चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोगों की जांच हो सके।

6 - कोरोना की जांच निजी अस्पतालों में न्यूनतम दर पर किए जाने की व्यवस्था सरकार को करना चाहिए।

7 - अस्पतालों में आईसीयू, वेंटीलेटर और ऑक्जीजन की उपलब्धता कई जिलों में नहीं है। इस दिशा में जल्दी से जल्दी कदम उठाए जाएं।

स्वास्थ्य आग्रह पर उठाए थे सवाल

कमलनाथ ने शिवराज को पत्र लिखने से पहले उनके स्वास्थ्य आग्रह पर सवाल उठाए थे। उन्होने सोशल मीडिया पर लिखा- जब प्रदेशवासियों को सरकार की जरूरत होती है, न्याय की जरूरत होती है। प्रदेश में विपरीत हालात बन जाते हैं, तो चुनौतियों का सामना करने की बजाय शिवराज मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उपवास-सत्याग्रह जैसे आयोजन करने लगते हैं। ‘मंदसौर की पिपलिया मंडी में जब किसानों पर गोलियां चलाई गईं तब भी मुख्यमंत्री भोपाल में उपवास पर बैठे थे और अब जब प्रदेश के लोगों को संकट के इस दौर में सरकार के मुखिया की जरूरत है। आज लोगों को अस्पतालों में इलाज नहीं मिल पा रहा है। गरीबों को मुफ्त इलाज की दरकार है। अस्पतालों में डॉक्टर की कमी है। अस्पतालों में बेड्स नहीं है। कई जिलों में वैक्सीन खत्म है। आवश्यक दवाइयों और इंजेक्शन की कमी है। इलाज के नाम पर कालाबाजारी और लूट हो रही है।