नई दिल्ली. मणिपुर (Manipur) में असम राइफल (Assam Rifles) के कमांडिंग अफ़सर और उनके परिवार पर उग्रवादियों ने घात लगाकर कर हमला किया है. यह हमला शनिवार सुबह 10 बजे शेखन-बेहिआंग पुलिस स्टेशन के इलाके में हुआ. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 46 असम रायफल के कमॉडिंग अफ़सर अपने परिवार और QRT के साथ जा रहे थे, तभी उग्रवादियों ने उनके काफिले पर हमला कर दिया. सूत्रों के मुताबिक़ इस हमले कमॉडिंग अफसर, उनकी पत्नी और एक बच्चा और क्यूआरटी में तैनात 4 जवानों की भी मौत की खबर है. हालांकि सेना की तरफ से फिलहाल इस बारे में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है मणिपुर के मुख्यमंत्री नोंगथोम्बम बीरेन सिंह ने हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि इस तरह का कायराना कृत्य को बख्शा नहीं जाएगा. वह दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने की पूरी कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि यह अमानवीय और आतंकी कृत्य है. उन्होंने कहा कि राज्य बल और अर्द्धसैनिक बल उग्रवादियों को पकड़ने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं.

म्यांमार की सीमा के पास हुई घटना
जानकारी के अनुसार आतंकियों ने इस घटना को मणिपुर के चराचांदपुर जिले में म्यांमार की सीमा के पास अंजाम दिया. आतंकियों को शायद पहले से ही अधिकारी के मूवमेंट की भनक थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकियों की पकड़ के लिए काउंटर ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है और इसमें शामिल दोषियों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा. सेना के सूत्रों ने कहा, ‘क्विक रिएक्शन टीम के साथ अधिकारी के परिवार के सदस्य काफिले में थे. हताहतों की आशंका है. अभियान अभी भी जारी है. अभी और जानकारी का इंतजार है.’ बता दें कि मणिपुर में भी कई सशस्त्र समूह हैं इससे पहले 2015 में मणिपुर में आतंकियों ने एक घटना को अंजाम दिया था जिसमें करीब 20 जवानों की मौत हो गई थी.केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट करके मणिपुर की घटना पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, मणिपुर के चुराचांदपुर में असम राइफल्स के वीर जवानों पर आतंकियों ने जो कायराना हमला किया उसे लेकर मैं बेहद दुखी हूं. उन्होंने कहा कि हमले में शहीद लोगों के लिए मैं शोक व्यक्त करता हूं. देश ने पांच शूर वीर जवानों समेत सीओ और उनके परिवार के दो लोगों को खो दिया. “