कोटा । राजस्थान के कोटा में एक 15 वर्षीय ‎किशोरी का अपहरण कर उसके साथ सामू‎हिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। नाबा‎‎लिग के साथ 9 दिनों तक करीब 18 युवकों द्वारा अलग-अलग जगह ले जाकर रेप और गैंगरेप किया गया। इस दौरान नाबालिग को यातनाएं दी गईं। इसके बाद आरोपियों ने गत 5 मार्च को नाबालिग को छोड़ दिया। बाद में उसने पुलिस थाने पहुंचकर अपनी पीड़ा बताई। पुलिस ने इस मामले में अब तक 20 आरोपियों को पकड़ने का दावा किया है। इनमें 4 नाबालिग और 1 महिला भी शामिल हैं। पीड़ित परिवार का कहना है ‎कि वे नाबालिग की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने कई बार थाने गये थे, लेकिन हर बार उन्हें डांट-डपट कर भगा दिया गया। अब जब उनका सबकुछ लुट गया तो पुलिस आरोपियों को दबोचकर खुद को बचाने में लगी हुई है। जानकारी के अनुसार, 25 फरवरी को कोटा (ग्रामीण) के सुकेत थाना इलाके से नाबालिग को उसकी पहचान की लड़की और उसका साथी बैग दिलाने के बहाने अपने साथ झालावाड़ ले गये। वहां उन दोनों ने नाबालिग को दरिंदों के हवाले कर दिया। इसके बाद वह नाबालिग को कभी होटल में तो कभी खेत में ले गये। कभी उसे किसी घर में बंधक बनाकर रखा गया। 
बताया जा रहा है ‎कि इस दौरान नाबालिग ने जब भी विरोध किया तो उसे चाकू दिखाकर डराया गया, मारपीट की और ज्यादा हंगामा करने पर नशे की डोज देकर चुप करा दिया गया। नौ दिन तक नाबालिग दरिंदों का ‎शिकार होती रही। आरोपियों ने 5 मार्च को पीड़िता को छोड़ दिया। बाद में उसने 6 मार्च को अपनी मां के साथ थाने जाकर अपनी आपबीती बयां की। उसके बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपियों की धरपकड़ शुरू की।
 कोटा (ग्रामीण) एसपी शरद चौधरी ने बताया कि 6 मार्च की रात नाबालिग ने मामला दर्ज करवाया था। उसने बताया कि उसकी एक सहेली और उसका परिचित युवक उसे बहला-फुसला कर कार से झालावाड़ ले गये थे, जहां उसे दरिंदों के हवाले कर दिया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीमें गठित कर अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें एक महिला भी शामिल है। इनके अलावा चार नाबालिग आरोपियों को निरुद्ध किया गया है। इनमें से शाहरुख, राजा खान, चौथमल, अरशद अयूब, तोशिब, शाहरुख, बिट्टू उर्फ वारिश, नब्बू उर्फ नवाब, इंसाफ मोहम्मद, समीर अब्बासी, आफताब मजिद उर्फ छोटू, मोहम्मद कैफ, मोनू हाड़ा और पूजा उर्फ बुलबुल जैन समेत को गिरफ्तार किया गया है। जबकि दो दरिंदों को बापर्दा पकड़ा गया है। चार नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है। पीड़िता की मां का कहना है कि उनकी बेटी के साथ ऐसी हैवानियत करने वाले दरिंदों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।